सीबीआई द्वारा CRPF को मिली क्लीन चिट, मणिपुर मामला

सीबीआई द्वारा CRPF को मिली क्लीन चिट, मणिपुर मामला

CBI gives clean chit to CRPF in Manipur killing case

केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सबूतों की कमी बताते हुए मणिपुर के इम्फाल में 14 लोगों की कथित हत्या के इलज़ाम पर सीआरपीएफ को बरी कर दिया।

CBI द्वारा 1 अक्टूबर को इंफाल जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को सौंपी गई क्लोजर रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भीड़ के खिलाफ आत्मरक्षा करने के लिए ही बल का प्रयोग किया गया , जबकि 2001 के जस्टिस सी उपेंद्र जांच आयोग की रिपोर्ट ने इसका खंडन किया और कहा की सीआरपीएफ द्वारा अनावश्यक बल का उपयोग मौतों के लिए जिम्मेदार है।

यह घटना 2001 में हुई, जब मणिपुर की जनता ने सरकार से बैंकॉक समझौता घोषणा के लिए बड़े पैमाने पर रोष प्रकट किया।

14 जून को नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (आईएम) के साथ “क्षेत्रीय सीमाओं के बिना” एक संघर्ष विराम समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रदर्शनकारियों ने आंसू गैस और रबर की गोलियों के साथ सुरक्षा बलों से भीड़ गए और बंगला परिसर के अंदर मुख्यमंत्री सचिवालय सहित सरकार की संपत्ति को नष्ट कर दिया।

सुरक्षाकर्मियों ने दो स्थानों पर प्रदर्शनकारियों पर हमला किया – राजभवन और सीएम का बंगला परिसर। राजभवन फायरिंग में तीन लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद उसी दिन लगभग 4,000 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जिन्होंने इसके परिसर में प्रवेश किया और सुरक्षा बलों पर पथराव किया। सीएम के बंगले पर गोलीबारी के संबंध में एक और प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

CBI की क्लोजर रिपोर्ट में अब कहा गया है कि इस मामले में शामिल व्यक्तियों से संबंधित दस्तावेज, शूटिंग और मेडिकल रिकॉर्ड से सम्भंदित भी अपर्याप्त सबूत हैं।

14 व्यक्तियों की मृत्यु और 35 की चोटों को स्वीकार करने के बावजूद, सीबीआई ने बताया कि केवल तीन की मृत्यु आधिकारिक तौर पर दर्ज की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “तीन मृत व्यक्तियों के अलावा, यह (मेडिकल) रिकॉर्ड से स्पष्ट नहीं है कि बाकी व्यक्तियों के साथ क्या हुआ है,” रिपोर्ट में कहा गया है: “18.06.2001 को 14 व्यक्तियों की मौत के बारे में कहा गया, परन्तु मृत्यु रजिस्टर में तीन व्यक्तियों का उल्लेख है। ” कोई जांच रिपोर्ट भी नहीं है।

दिवंगत के परिजनों ने मणिपुर उच्च न्यायालय से नए सिरे से जांच करने और 27 नवंबर को दायर याचिका में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने को कहा है।

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