क्यों है डिहाइड्रेशन से सबको खतरा, जानिए कैसे करें बचाव

क्यों है डिहाइड्रेशन से सबको खतरा, जानिए कैसे करें बचाव

Dehydration in naxal war zone is a big drawback and hurdle for our commandos. How to overcome it.

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ में हुए एक नक्सली हमले में हमे देखने को मिला की कैसे हमर जवान उन जंगलों में डिहाइड्रेशन का शिकार हुए जिसके कारण युद जैसी परिस्थियों में एक जवान के लिए बहुत ही मुश्किल हो जाता है। डिहाइड्रेशन के कारण ही एक जवान को अपनी जान तक गवानी पड़ी जबकि कई अन्य कमांडो बहुत मुश्किल हालत तक पहुँच गए थे।

आज इसी बारे में बात करते है की क्या है ये डिहाइड्रेशन, कैसे होता है, क्या इसके लक्षण हैं और इसके बचाव का तरीका।

निर्जलीकरण (dehydration)के बारे में तथ्य

निर्जलीकरण तब होता है जब शरीर बहुत अधिक मात्रा में तरल पदार्थ खो देता है।
और यह द्रव बीमारी, पसीना या व्यायाम के माध्यम से खो सकता है।
निर्जलीकरण से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।

हमेशा ध्यान रखें, गंभीर निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन शरीर में तरल पदार्थों को कम करता है। तरल पदार्थ रक्त को शरीर के सभी अंगों तक यात्रा करने में मदद करते हैं। इसके बिना, शरीर सदमे में जा सकता है।

हल्के निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन के संकेत:

i मुंह का सुख जाना और चिपचिपी लार निकलना
ii मूत्र का कम होना जो गहरे पीले रंग का हो जाता है
iii प्यास का बढ़ जाना।

मध्यम निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन के संकेत:

  1. अत्यधिक प्यास
  2. मुंह का सुखना और आंखों के अंदर आंसू नहीं आएगा
  3. पेशाब का कम होना
  4. स्तब्धता (लेटने से राहत मिलना )
  5. चिड़चिड़ा या बेचैन होना
  6. हाथ या पैर स्पर्श करने पर ठन्डे लगते हैं
  7. तेज धडकन
  8. मांसपेशियों में ऐंठन

गंभीर निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन के संकेत:

  1. बदला हुआ व्यवहार
  2. बेहोशी जैसी हालत होना
  3. खड़े होने या चलने में असमर्थता
  4. तेजी से साँस लेना
  5. कमजोर, तेज नाड़ी
  6. ठंडी, रूखी त्वचा या गर्म शुष्क त्वचा
  7. 12 या अधिक घंटों के लिए थोड़ा या बिलकुल पेशाब नहीं
  8. होश खो देना

निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन होने पर सबसे पहले क्या करें :

  • आराम करें
  • गर्मी लगने पर अतिरिक्त कपड़े उतार दें
  • थोड़ा पानी लें और खुद को रिहाइड्रेट करें। अगले 2 से 4 घंटे में ठंडा तरल पदार्थ लें।
  • पानी पिटे रहें क्यूंकि आपके द्वारा खोए गए तरल पदार्थों को बदलने के लिए एक दिन और डेढ़ दिन जितना समय लग सकता है।
  • यदि आपको चक्कर आ रहे हैं, या लक्षण अधिक गंभीर और लगातार होते हैं तो किसी डॉक्टर से परामर्श करें।

निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन शरीर में एक इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन त्यार करता है

निर्जलीकरण सोडियम की एक उच्च मात्रा और पोटेशियम की कम मात्रा का उत्पादन करता है, जो इलेक्ट्रोलाइट्स हैं।
किसी के शरीर में उच्च सोडियम स्तर उस व्यक्ति में भ्रम, अपांग, कोमा और दौरे का कारण बन सकता है।

हालांकि कम पोटेशियम के स्तर तत्काल समस्या नहीं है लेकिन समय के साथ यह शरीर में कम इंसुलिन का उत्पादन कर सकता है, जिससे शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।

यदि पोटेशियम का स्तर बहुत कम हो जाता है, तो थकान, भ्रम और मांसपेशियों में कमजोरी और ऐंठन आमतौर पर होती है।

इसलिए आप सभी से यही अनुरोध है की जब भी आप ऐसी किसी गतिविधि के लिए जाएँ जहाँ आपके शरीर को निर्जलीकरण/डिहाइड्रेशन होना बहुत घातक साबित हो सकता है तो ऐसे हालातों में आप अपने आप को कम से कम 2 दिन पहले से त्यार करना शुरू करदें।

  • समय समय पर पानी पिए
  • तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें
  • शराब न पियें
  • और खुद को शांत रखें
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